श्री रूद्राष्टक नमामीशमीशान | Shiva Rudrashtakam Lyrics in Hindi
॥ श्री रूद्राष्टक॥ ॥चौपाई॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपम् । विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ॥ अजं निर्गुण निर्विकल्पं निरीहम् । चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ निराकारमोङ्कारमूलं […]
॥ श्री रूद्राष्टक॥ ॥चौपाई॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपम् । विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ॥ अजं निर्गुण निर्विकल्पं निरीहम् । चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ निराकारमोङ्कारमूलं […]
|| श्रीराम चालीसा || ॥चौपाई॥ श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता
|| दुर्गा चालीसा || नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक
|| श्री शिव चालीसा || || दोहा || जय गणेश गिरिजासुवन मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम देउ अभय
॥ श्री श्याम चालीसा ॥ || दोहा || बन्दौ गुरु पद प्रेम से, गिरजा सुवन मनाय । कृष्ण श्याम का
श्री हनुमान चालीसा || दोहा || श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो