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Stotra (स्तोत्र)

Stotra (स्तोत्र)

श्री अर्धनारीश्वर स्तोत्रम्

॥ श्री अर्धनारीश्वर स्तोत्रम् ॥ चाम्पेयगौरार्धशरीरकायैकर्पूरगौरार्धशरीरकाय ।धम्मिल्लकायै च जटाधरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ १ ॥ कस्तूरिकाकुङ्कुमचर्चितायैचितारजःपुञ्जविचर्चिताय ।कृतस्मरायै विकृतस्मरायनमः शिवायै

Stotra (स्तोत्र)

श्री अमोघ शिव कवचम्

॥ श्री अमोघ शिव कवचम् ॥ ॥ विनियोगः ॥ अस्य श्रीशिवकवचस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः ।अनुष्टुप् छन्दः ।श्रीसदाशिवरुद्रो देवता ।ह्रीं शक्तिः ।

Stotra (स्तोत्र)

श्री अंगारक स्तोत्रम्

॥ श्री अंगारक स्तोत्रम् ॥ अंगारकः शक्तिधरो लोहितांगो धरासुतः ।कुमारो मंगलो भौमो महाकायो धनप्रदः ॥१॥ ऋणहर्ता दृष्टिकर्ता रोगकृत् रोगनाशनः ।विद्युत्प्रभो

Stotra (स्तोत्र)

Aapadunmoolana Durga Stotram | आपदुन्मूलन दुर्गा स्तोत्रम्

॥ आपदुन्मूलन श्री दुर्गा स्तोत्रम् ॥ लक्ष्मीशे योगनिद्रां प्रभजति भुजगाधीशतल्पे सदर्पा-वुत्पन्नौ दानवौ तच्छ्रवणमलमयाङ्गौ मधुं कैटभं च ।दृष्ट्वा भीतस्य धातुः स्तुतिभिरभिनुतामाशु

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अनादि कल्पेश्वर स्तोत्रम्

॥ अनादि कल्पेश्वर स्तोत्रम् ॥ कर्पूरगौरो भुजगेन्द्रहारो गङ्गाधरो लोकहितावहः सः ।सर्वेश्वरो देववरोऽप्यघोरो योऽनादिकल्पेश्वर एव सोऽसौ ॥ १ ॥ कैलासवासी गिरिजाविलासी

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आग्नेय स्तोत्र

॥ आग्नेय स्तोत्र ॥ ॥ अथ आञ्जनेयास्त्रम् ॥ अधुना गिरिजानन्द आञ्जनेयास्त्रमुत्तमम् ।समन्त्रं सप्रयोगं च वद मे परमेश्वर ॥१॥ ॥ ईश्वर

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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अर्थ सहित | संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, महत्व और लाभ

|| द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र || श्लोक 1 सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।उज्जयिन्यां महाकालम् ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥ हिंदी अर्थ इस श्लोक

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